10 अप्रैल 2010

"शब्दकार बंद कर दिया जाए" -- अपनी राय जल्द से जल्द दें

क्यों शब्दकार का प्रकाशन बंद कर दिया जाए?

ये सवाल आप सभी (सदस्यों से) से इस कारण पूछा जा रहा है ताकि आप सभी को ये ना लगे कि हमने बिना आपकी सहमति के ऐसा कदम उठाया है
जबसे शब्दकार को सामुदायिक ब्लॉग के रूप में शुरू किया है तब से आचार्य संजीव 'सलिल' जी का आशीर्वाद ही मिलता रहा है, शेष सदस्यों ने बहुत ही बेरुखी दिखाई है

वैसे हम तो इसे बंद करने का मन बना चुके हैं...........आगे आप लोगों का विचार बस जानना है

ये किसी की कोई मजबूरी नहीं कि सदस्यता ली है तो लिखना ही पड़ेगा (कोई लिख भी कहाँ रहा है??) आप सभी का आभार जो आप लोग इससे जुड़े

हमने तो सोचा था कि इसी बहाने हिंदी भाषा, साहित्य के लिए कुछ कर पायेंगे पर.....................

चलिए दिनांक 12-04-10 की शाम 05 बजे तक के लिए आप सभी सदस्यों की और उन पाठकों की रायमांगी जा रही है जो शब्दकार के प्रति रूचि रखते हैं......................
धन्यवाद--
डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
संचालक - शब्दकार

4 टिप्‍पणियां:

सुधाकल्प ने कहा…

शब्दकार बंद नहीं होना चाहिए I

दीपक 'मशाल' ने कहा…

plzz band mat kariyega.. main aage se niyamit rahoonga.

शिव कुमार "साहिल" ने कहा…

Nahi Nahi Plz eesa mat kariye , yahan bahut kuch sikhne ko milta hein , yahan tak berukkhi ki baat hein uske liye sabhi sadeyon ki taraf se shama magta hun .... kam ki vyastta adhik hone ke karan kabhi-kbhar hi net par aana ho pata hein ....

Dr. Mahendra Bhatnagar ने कहा…

बंद करने का जो कारण बताया गया है; उसके आधार पर बंद` करना ग़लत होगा। हाँ, यदि आपके पास समय न हो तो अवश्य बंद कर सकते हैं।