13 जनवरी 2011

अल्पना जी के ब्लॉग से लौट कर.....!

  अल्पना जी के ब्लॉग से लौट कर.....!!

हा...हा....हा....हा....हा....दसवीं कक्षा के जमाने में पढ़ा था गुनाहों के देवता को.....एक सांस में उसे पढने के लिए समय ना मिलने के कारण बीमारी का बहाना कर छत पर जा-जाकर पढ़ा करता उसे....कई-कई बार पढ़ा.....और कई-कई बार रोया......और एक बार तो मैं फफक-फफक कर रोया था.....ऐसा था इस उपन्यास का रस...आज सोचता हूँ तो......हा....हा....हा....हा.....हर चीज़ का एक वक्त होता....कहते हैं की मुहब्बत का कोई वक्त नहीं होता.....मगर होता है जनाब होता है मुहब्बत का भी वक्त....जब वो आपके भीतर उफान मार रही होती है.....मगर आपके पास कोई नहीं होता....आब खुद में मुहब्बत से भरे होते हैं.....और बस इंतज़ार कर रहे होते हैं की कोई मिल जाए.....और जब कोई मिल जाता है तो आपके भीतर की सारी मुहब्बत उस पर उड़ेल दी जाती है.....मगर वक्त इंतज़ार भी तो नहीं करता  आपका या किसी और का....सरपट दौड़ता जाता है ....देखते-न-देखते आपके कानों के आस-पास के कोने सफ़ेद हो जाते हैं.....आपके बच्चे तब उस उम्र के हो चुके होते हैं....जब आपने पढ़ी थी गुनाहों का देवता या फिर कोई और  किताब....और आप रोया करते थे....जब आप किसी के लिए तड़पा करते थे....दिल का वो दर्द अब आपको याद ही नहीं आता....मुब्बत एक मज़ाक लगा करती है .....शायद इसीलिए आज आप अपने दिन भूल चुके होते हैं .....शायद...इसीलिए अपने  बच्चों को ऐसी बातों पर डांटा करते हैं...लेकिन सच बाताऊं दोस्तों....अगर वक्त मिल जाए.....और आप अपने काम-काज को तिलांजलि दे सकें....या कुछ देर के लिए भूल कर ही सही...मुहब्बत को पा सकते हैं....मुहब्बत से सब कुछ संवार सकते हैं.....हाँ सच मेरे दोस्तों....सच.....सच्ची.....सच्च.....कसम से....!!! 
अजब है सच यह मुहब्बत 
रहती है दिल में कशमकश...!!
अजब है यह छोटा सा दिल 
हर शै भागता-दौड़ता-सा हुआ...!! 
अजब है हमारे भीतर की बात 
हमसे छुटकारा पाने को व्यग्र....!!
अजब से हो जाया करते हैं हम 
जब कोई मिल जाता है अपना-सा..!!
और अपनों के बीच ही रहते हुए 
हम हो जाते बेगाने सबके लिए...!!
अजब-सा लगता है हमारा चेहरा 
कोई और ही झांकता है उसमें से...!!
तो मुहब्बत से भरे हुए हम सब 
इतनी दुश्मनायी में क्यूँ रहते हैं...!!
गर इश्क आदमी का फन है "गाफिल"
इसमें इतने आततायी क्यूँ बसा करते हैं...!! 

  

2 टिप्‍पणियां:

Harman ने कहा…

Happy Lohri To You And Your Family..

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Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

mere aur se bhi happy lohri.......aur makarsakranti..